Sunday, October 27, 2013

2 014 के लोकसभा चुनाव जितने के लिए ज्यादा बोलने वाला खुद ही खुद के शब्दों में फँस जाता है :-
(1 )  मोदी सल्तनत बोलता है///जबकि भारत के सविंधान ने  सल्तनत ख़तम कर दी है///
(2 )   राहुल बोलता है,  बहन माया वती दलित नेता नहीं बनने देती///जबकि बहन माया वती ने किसी दलित नेता को  नेता बनने से नहीं रोका है///
(3) कांग्रेस और बी जे पी परिवारवाद  का  रोना रोती  हैं/// जबकि दोनों पार्टियों में परिवारवाद है तभी तो 100 % बड़े पदों पर 1 5%   ब्राह्मण,  बनिया, ठाकुर, का कब्ज़ा है///राहुल शहजादा  है, तो विजयराजे सिंधिया भी तो सहजादी है///वरुण गाँधी शहजादा को  आजकल बोलने की इजाजत नहीं है///
(4 )  कांग्रेस और बी जे पी ने प्रधान मंत्री का पद सिर्फ 15% ब्राह्मण,  बनिया, ठाकुर के लिए रिजर्व रक्खा है///मोदी जन्म से ओ बी सी है लेकिन कर्म से मनु+आर एस एस की कठपुतली है///  
(5 ) कांग्रेस और बी जे पी में हिम्मत है तो ये एलान करे की अगर हमें वोट दोगे तो हम इस बार किसी एस सी या किसी  मुस्लिम नेता को भारत का  प्रधान मंत्री बनायेंगे///जय भीम 

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